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Estd: 2000
Affilaiated To V B S P U, Jaunpur
College Code: 0635

महाविद्यालय-परिचय

सुमित्रा महाविद्यालय, शेरवाँ-जौनपुर का भूमि-पूजन वीर बहादुर सिंह, पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर के तत्कालीन कुलपति श्री शरत कुमार सिंह के कर कमलों द्वारा बसंत पंचमी दिनांक 1 फरबरी 1998 को हुआ था। इस महाविद्यालय की स्थापना शिक्षाविद श्री वीरेन्द्रनाथ सिंह प्रधानाचार्य, मछलीशहर इण्टर कॉलेज जौनपुर ने अपनी पूज्यनीय माता स्व सुमित्रा सिंह की पावन स्मृति में किया था । ग्रामीणांचल में स्थित इस महाविद्यालय की स्थापना का मुख्य उद्देश्य उच्च शिक्षा से वंचित छात्र/छात्राओ को उच्च शिक्षा प्रदान करना था । महाविद्यालय को उत्तर प्रदेश शासन से 1 जुलाई 2000 सात विषयों (हिन्दी, अंग्रेजी, समाजशास्त्र, शिक्षाशास्त्र, दर्शनशास्त्र, प्राचीन इतिहास, एवं गृह विज्ञान) में मान्यता प्रदान की गयी । महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना की दो इकाई एवं रोवर्स - रेंजर्स संचालित है । स्नातक स्तर पर राजनीति विज्ञान और संस्कृत विषय की मान्यता प्रक्रिया में है । परास्नातक स्तर पर हिंदी एवं समाजशास्त्र विषय की मान्यता प्रक्रिया में है। महाविद्यालय, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, नई दिल्ली के अधिनियम 1956 की उपधारा (2 F एवं 12 B ) में पंजीकृत है । महाविद्यालय, संस्थापक-प्रबन्धक श्री वीरेन्द्रनाथ सिंह के योग्य एवं कुशल नेतृत्व में निरन्तर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। प्रबन्धक महोदय एक निर्भीक, सुसंस्कृत एवं दूरदर्शी पुरुष हैं। अनवरत श्रम करना उनका स्वभाव है। परिवर्तन उनके जीवन का अंग तथा विद्यालय-संचरण उनके सेवाकाल का विषय बन गया है । बड़ा यशस्वी है आप का हाथ। नीव की जिस ईंट को छू भर दिया, उसपर तीन - तीन विशाल इमारते बन गयी। लोग कहते हैं कि खाद का कूरा भले टल जाये पर कर्म का कूरा नहीं टल सकता। यह महाविद्यालय आपके सत्कर्म का कूरा है। वह कभी नहीं टल सकता। इति दिक।

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